Posts

Showing posts from May, 2020

रीठा के अयोधोगिक महत्व

रीठा सेपिनडेसी परिवार का सेपिनडेल्स गण तथा सिपिंडस कुल से एक मध्यम आकृति का आकर्षक एवं उपयोगी वृक्ष प्रजाति है। सेपिनडस कुल के फल को आमतौर पर भारतीय सोपबेरी या वॉशनट के रूप में जाना जाता है| विभिन्न प्रान्तों और भाषाओ में रीठा को विभिन्न नामों से जाना जाता है| आँग्लभाषा में इसे सोपनट-ट्री, संस्कृत में फेनिला व ऊरिष्ठा, हिंदी मे रीठा, गुजराती मे अरीठा, ओडिया मे ईटाई, तमिल मे पोनम-कोत्ताई, तेलगु मे कुनकुडू, कन्नड़ मे अन्तोवाल्कई गेडा, हिमाचल में डोडा एवं कुट्टू, तथा पूर्वोत्तर राज्यों में यह एम्-सेलेंग वहेतागुडी इत्यादि नाम से जाना जाता है| सामान्यतः रीठा को उसके फल से डिटर्जेंटयुक्त गुण वाले ‘सैपोनिन’ नामक अवयव होने के कारण जाना जाता है| चूँकि, यह स्वाद मै कड़वा होता है अतः रीठा के फल का उपयोग खाने के रूप मै नही किया जाता है| यद्यपि, मुख्यतः रीठा की उपयोगिता इसके फल से ही जानी जाती है, पर न सिर्फ फल, अपितु पूरे वृक्ष की विशिष्ट उपयोगिता है| चौड़ी पत्ती वाला वृक्ष होने के कारण, यह वृक्ष जल संरक्षण एवं मृदा अपरदन को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है| सामान्यतः रीठा मानव जनजीवन के आसप...